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WOMEN POWER..

⟹WOMEN POWER..⟸

Women power bmanikarts.in
women power

तू खुद की खोज में निकल..क्यों तू हताश है..?
तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है..
जो तुज़से लिपटी बेड़ियाँ समझ न इनको वस्त्र तू..
ये बेड़ियाँ निकल के बनाले इनको शस्त्र तू...
तू खुद की खोज में निकल.....
                         (-हरिवंशराय बच्चन)

              आज दुनिया में हर जगह पर नारी के साथ गलत ही हो रहा है..। वर्तमान पत्र, दूरदर्शन, दुरचित्रवानी, हर जगह पर बस नारी पर हो रहे जुल्म और अत्त्याचारों कि ही खबरें है। बाहर के विकसित देशों की महिलाएं आज काफी हद्द तक आज़ाद और महफूज है। और हमारे देश की भी थोड़ी बहोत महिलाएं आज ऊंचे मकाम पर पहुंची है। वो आजाद तो है पर शायद महफूज नही है। 
            हम आझाद तो हो गए पर शायद सिर्फ अंग्रेजों के शासन से, हमारी सोच से हम आज तक आझाद हुए ही नहीं। पहले भी हमारी पुरुषप्रधान संस्कृति में स्त्रियों पर अत्त्याचार होता था और आज आझादी के 70 साल बाद भी कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है। पहले जमाने में महिलाओं पर हो रहा अत्याचार जैसे सति प्रथा, पर्दा पद्धति, विधवाओं को पुनर्विवाह करने पर पाबंदी, ऐसी प्रथाएं तो आज नहीं है पर दहेज, तीन तलाक़, गर्भपात करना, मानसिक और शारीरिक अत्त्याचार ये कुछ नए मार्ग आज भी अस्तित्व में है। जिस की वजह से महिलाएं आज भी आझाद नही हो पाई है। 

              इतना सब कुछ होने के बावजूद भी हम इस सच को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि हर मुश्किल का सामना करते हुए आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुषों के बराबर ही कामयाबी के शिखर पर है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं अव्वल स्थान पर है। फिर चाहे किसी स्कूल कॉलेज में प्रथम आना हो या फिर किसी स्पर्धा परीक्षा में..। IAS IPS, हो या किसी कंपनी की सीईओ, देश की पंतप्रधान हो या राष्ट्रपति, यहाँ तक कि हमारे देश की रक्षा मंत्री भी एक महिला ही थी। आज हर जगह पर महिलाएं आगे है। खेल में , पढ़ाई में, व्यवसाय, नोकरी, साहित्य लेखन, खाना बनाने से लेकर इस देश को चलाने तक का हर काम महिलाओं ने कर दिखाया है। उन्होंने साबित कर दिया है कि वो सिर्फ घर पर बैठकर खाना बनाना और बच्चों को संभालने के लिए नही बनी हैं। उनमें इतनी क्षमता है कि वो एक देश को भी चला सकती है। 
            
हमारे देश की ये साड़ी पहनने वाली नारी आज सब पर भारी हो गयी है। उसे अपनी क्षमता साबित करने के लिए किसी शस्त्र को हाथ लेने की जरूरत नही है, क्योंकि उसकी शिक्षा, उसकी समझ- सुझबूझ और उसका साहस ही उसके सबसे बड़े शस्त्र है। इस चित्र में यही दिखाया गया है कि हमारे देश की साड़ी पहनने वाली नारी के हाथ में भी अगर उसका साहस और शिक्षा का शस्त्र दिया जाए तो वो भी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, रज़िया सुल्ताना, रानी ताराबाई, अहिल्यादेवी, सावित्रीबाई फुले जैसी अनेक शूरवीर महिलाओं के जैसे अपना भी नाम इतिहास में जरूर लिख देगी।

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10 Comments

  1. nice..& inspirational..👍👍

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  2. Its realy inspirable and motivational to todays YOUTH (He & She). Keep it up.

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  3. मुझे लगता है। कुछ बिकाऊ लोगों के द्वारा भारत जैसे महान देश के इतिहास को छिपाने की कोशिश की जा रही है। तभी तो भारत में ही रह के भारत विरोधी नारे लगाते हैं। क्युकी जब तक इस देश के लोगों को उनका इतिहास नहीं मालूम होगा कि वो क्या है।तो उन्हें अपने देश पर कैसे गर्व होगा कि हम किनके संतान हैं।
    भारत को अंग्रेजो से तो आजादी मिल गई। पर कुछ बुद्धिजीवी शायद चाहते नहीं की इस देश के लोगो को आजादी का सही मतलब भी समझ आए। ऐसे विचारधारा उस दीमक के समान है। जो पूरी कौम को बर्बाद कर देती हैं।इसलिए लोगो को अब खुद सही और गलत को समझना होगा।

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  4. Different people use different ways to show reality and express their thoughts and painting is one of the best option. you are really such a great artist, I have no more words to say anything about your paintings and thoughts.

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